Wednesday, 12 July 2017

GST के कारण जो कामगारों की दयनीय दशा है उस पर जहन में कुछ पंक्तियाँ-- कवयित्री सोनल जैन


 ये वो कामगार हैं 
भूख से लाचार हैं
इन पर थोड़ी सी तो दया दिखलाईये

रोज़ ही कमाते हैं
घर को चलाते हैं
ऐसे कामगारों को और ना सताईये

गर भिखारी बन गये
आत्याचारी बन गये
डुबेगा वतन यह ध्यान लगाईये

सुनिये व्यापार की
जनता की पुकार की
बिना देर किये अब GST हटाईये

कवयित्री सोनल जैन
सूरत

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